6 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। NewsTak इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान का सबसे सीधा असर राजस्थान पर पड़ा — क्योंकि राजस्थान की 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा सीधे पाकिस्तान से लगती है।
बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर — ये चार जिले रातों-रात युद्ध की अग्रिम पंक्ति बन गए। स्कूल बंद हुए, हवाई अड्डे सील हुए, ब्लैकआउट लागू हुआ और पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय आसमान में घुसे — जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
यह सिर्फ एक सैन्य ऑपरेशन की कहानी नहीं है — यह राजस्थान के उन सीमावर्ती लोगों की कहानी है जो 54 साल बाद फिर एक बार युद्ध की आहट महसूस कर रहे थे।
ऑपरेशन सिंदूर — क्या था और क्यों हुआ?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इसी के जवाब में 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया। Chief Electoral Officer
भारतीय वायुसेना ने 7 मई 2025 की सुबह सिर्फ 23 मिनट के ऑपरेशन में SCALP मिसाइलों और AASM हैमर बमों से लैस राफेल विमानों को तैनात किया। NewsTak
इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय और लश्कर-ए-तैयबा का मुरीदके केंद्र — दोनों प्रमुख आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन की सटीकता की तारीफ करते हुए कहा कि एक भी निर्दोष नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। News24 Hindi
ऑपरेशन सिंदूर — मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 6-7 मई 2025 |
| कारण | पहलगाम आतंकी हमला (22 अप्रैल 2025) |
| निशाने | 9 आतंकी ठिकाने — Pakistan और PoK |
| ऑपरेशन की अवधि | सिर्फ 23 मिनट |
| हथियार | SCALP मिसाइल, AASM हैमर बम, Rafale |
| मारे गए आतंकी | 125 से ज्यादा |
| भारत का नुकसान | शून्य |
राजस्थान की सीमा — 1,070 किमी का मोर्चा
राजस्थान की पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा राज्य के चार जिलों — श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर से होकर गुजरती है। यह सीमा क्षेत्र मुख्यतः थार मरुस्थल में स्थित है जहां गर्मियों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। News24 Hindi
ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान ने पाकिस्तान के साथ अपनी पूरी 1,037 किलोमीटर की सीमा सील कर दी। BSF को 24×7 निगरानी और किसी भी संदिग्ध हलचल पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए। Amar Ujala
राजस्थान के सीमावर्ती जिले — एक नजर में
| जिला | सीमा की लंबाई | सामरिक महत्व |
|---|---|---|
| श्रीगंगानगर | ~210 km | पंजाब सीमा से जुड़ा |
| बीकानेर | ~168 km | Nal Air Base यहीं |
| जैसलमेर | ~464 km | सबसे लंबा सीमा क्षेत्र |
| बाड़मेर | ~228 km | Uttarlai Air Base यहीं |
राजस्थान में क्या-क्या हुआ — घटनाक्रम
7 मई 2025 — पहला दिन
ऑपरेशन सिंदूर शुरू होते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अलर्ट मोड में आ गए। मुख्य सचिव सुधांश पंत और DGP यू.आर. साहू मुख्यमंत्री से लगातार संपर्क में रहे। Facebook
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं। OneIndia
बीकानेर, जोधपुर और किशनगढ़ हवाई अड्डों पर उड़ानें निलंबित कर दी गईं। जयपुर से भी कई उड़ानें रद्द हुईं। AajTak
8 मई 2025 — ड्रोन हमला
8 मई की रात पाकिस्तान ने राजस्थान के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। जैसलमेर, बीकानेर के नाल एयरबेस, बाड़मेर के उत्तरलाई एयरबेस और फलौदी को निशाना बनाया गया। News24 Hindi
जैसलमेर के आसमान में पाकिस्तानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए — विस्फोट की आवाजें और आसमान में चमक देखी गई। भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया। Chief Electoral Officer
बाड़मेर और जैसलमेर में रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट लागू किया गया। बाजार शाम 7 बजे बंद हो गए और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई। Chief Electoral Officer
भजनलाल सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यभर में, विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करके उन्हें मुख्यालय पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए। News24 Hindi
CM भजनलाल शर्मा ने बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर — चारों सीमावर्ती जिलों के लिए 5-5 करोड़ रुपये की आपातकालीन राशि जारी की। X
राजस्थान में IAF की तैनाती — सामरिक महत्व
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी राजस्थान पर 24 घंटे लड़ाकू हवाई गश्त की। सुखोई-30 MKI विमान जोधपुर और फलौदी के एयरबेस से उड़ान भर रहे थे। Amar Ujala
राजस्थान में वायुसेना के प्रमुख ठिकाने:
- जोधपुर एयरबेस — राजस्थान का सबसे बड़ा IAF बेस
- नाल एयरबेस, बीकानेर — पाकिस्तान सीमा के सबसे करीब
- उत्तरलाई एयरबेस, बाड़मेर — शिव विधानसभा के नजदीक
- फलौदी एयरबेस — रणनीतिक forward base
54 साल बाद राजस्थान पर हमला — 1971 और 2025 की तुलना
पाकिस्तान ने 54 साल बाद राजस्थान पर हमले किए। इससे पहले 1971 की भारत-पाक जंग में पाकिस्तान ने राजस्थान में बमबारी की थी। News24 Hindi
| तुलना बिंदु | 1971 का युद्ध | 2025 ऑपरेशन सिंदूर |
|---|---|---|
| कारण | Bangladesh मुक्ति | Pahalgam आतंकी हमला |
| हमले की प्रकृति | पारंपरिक युद्ध | Precision Strike + Drone |
| राजस्थान पर असर | बमबारी | Drone + Missile Attack |
| भारत का जवाब | युद्ध | Surgical Strike |
| परिणाम | Pakistan का विभाजन | 125+ आतंकी ढेर |
ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिक असर — राजस्थान में BJP बनाम Congress
Congress महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि PM मोदी ने 25 मई को NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई ताकि ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। OneIndia
राजस्थान विधानसभा सत्र में Congress प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर अधिकारियों के राजनीतिक तबादले किए गए। Zee News
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में सैनिकों के साथ बरखाना के दौरान कहा कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, सिर्फ रुका है — और पाकिस्तान ने कोई हरकत की तो जवाब और कड़ा होगा। Sach Bedhadak
BJP की राजनीतिक रणनीति
राजस्थान के बीकानेर में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए तिरंगा यात्रा निकाली गई। Facebook भजनलाल सरकार ने सीमावर्ती जिलों में तुरंत राहत राशि देकर BJP की त्वरित प्रतिक्रिया को showcase किया।
Congress की स्थिति
Congress के लिए यह विषम स्थिति थी। एक तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार का विरोध करना राजनीतिक आत्मघात होता। दूसरी तरफ पूरी तरह साथ देने से विपक्षी भूमिका कमजोर होती। कांग्रेस नेता शशि थरूर सरकार के पक्ष में खड़े दिखे जो पार्टी को नागवार लगा।
शिव विधानसभा और ऑपरेशन सिंदूर — सीधा कनेक्शन
शिव विधानसभा — जो बाड़मेर जिले में है और विधायक रविंद्र सिंह भाटी का क्षेत्र है — उत्तरलाई एयरबेस के बिल्कुल पास है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान:
- उत्तरलाई एयरबेस पर पाकिस्तानी मिसाइल दागी गई — इंटरसेप्ट हुई
- शिव क्षेत्र के गांवों में ब्लैकआउट लागू हुआ
- स्कूल बंद रहे, परीक्षाएं स्थगित हुईं
- BSF की तैनाती बढ़ाई गई
- रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया पर सेना का समर्थन किया और क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
सीमावर्ती जनता की कहानी — थार की हिम्मत
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान के सीमावर्ती गांवों के लोगों ने जो साहस दिखाया वह अतुलनीय है।
CM भजनलाल शर्मा ने खुद बताया कि जैसलमेर के पूर्व सैनिकों ने फोन करके कहा — “आप बस बंदूक दिला दीजिए, बाकी हम देख लेंगे।” Amar Ujala
बाड़मेर के गांवों में लोगों ने ब्लैकआउट का पूरी तरह पालन किया। सीमावर्ती गांवों से जो परिवार हटाए गए उन्होंने बिना शिकायत किए अपना घर छोड़ा। यह राजस्थान की वीरता की परंपरा का जीवंत उदाहरण है।
Key Takeaways
- ✅ ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 को पहलगाम हमले के जवाब में हुआ
- ✅ राजस्थान की 1,070 km पाकिस्तान सीमा पूरी तरह सील हुई
- ✅ बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में स्कूल बंद, ब्लैकआउट, उड़ानें निलंबित
- ✅ पाकिस्तानी ड्रोन जैसलमेर में इंटरसेप्ट — भारत की S-400 ने हवा में नष्ट किया
- ✅ 54 साल बाद राजस्थान पर पाकिस्तानी हमला — 1971 के बाद पहली बार
- ✅ CM भजनलाल ने 5-5 करोड़ चारों सीमावर्ती जिलों को दिए
- ✅ राजनाथ सिंह ने जैसलमेर से चेतावनी दी — ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं
- ✅ शिव विधानसभा सीधे प्रभावित — उत्तरलाई एयरबेस यहीं है
20 महत्वपूर्ण FAQ
FAQ 1: ऑपरेशन सिंदूर क्या है? ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 6-7 मई 2025 को किया गया सटीक सैन्य अभियान है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के जवाब में यह कार्रवाई की गई। इसमें पाकिस्तान और PoK में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। 125 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
FAQ 2: ऑपरेशन सिंदूर में राजस्थान की क्या भूमिका रही? राजस्थान पाकिस्तान से 1,070 किमी सीमा साझा करता है इसलिए यह सबसे अहम मोर्चा बना। जोधपुर, नाल, उत्तरलाई और फलौदी एयरबेस से IAF ने लड़ाकू विमान उड़ाए। S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को राजस्थान के आसमान में इंटरसेप्ट किया।
FAQ 3: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैसलमेर में क्या हुआ? जैसलमेर में पाकिस्तानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए — आसमान में विस्फोट और चमक देखी गई। रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट रहा। सभी स्कूल बंद रहे। जैसलमेर एयरपोर्ट बंद हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद जैसलमेर आए और सैनिकों से मिले।
FAQ 4: बाड़मेर में ऑपरेशन सिंदूर का असर क्या था? बाड़मेर के उत्तरलाई एयरबेस पर पाकिस्तानी मिसाइल दागी गई जिसे इंटरसेप्ट किया गया। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सभी स्कूल बंद किए और परीक्षाएं स्थगित कीं। रात को ब्लैकआउट लागू हुआ। BSF की तैनाती बढ़ाई गई। CM ने 5 करोड़ की राहत राशि दी।
FAQ 5: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान में कौन से हवाई अड्डे बंद हुए? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान में जोधपुर, बीकानेर और किशनगढ़ हवाई अड्डे बंद किए गए। जयपुर से भी कई उड़ानें रद्द हुईं। IndiGo ने बीकानेर की सभी उड़ानें रद्द कीं। यह 10 मई 2025 तक बंद रहे। यात्रियों को हेल्प डेस्क के जरिए सूचित किया गया।
FAQ 6: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान में ब्लैकआउट क्यों लागू हुआ? पाकिस्तानी ड्रोन visual cues यानी रोशनी देखकर निशाना लगाते हैं। इसलिए संभावित हवाई हमले से बचाव के लिए बाड़मेर और जैसलमेर में रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट रहा। जोधपुर में रात 12:30 बजे से 4 बजे तक ब्लैकआउट था। यह 1971 के बाद पहली बार था।
FAQ 7: भजनलाल सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या कदम उठाए? भजनलाल सरकार ने तुरंत सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कीं। चारों सीमावर्ती जिलों को 5-5 करोड़ की आपातकालीन राशि दी। SDRF टीमें तैनात कीं। मुख्य सचिव और DGP लगातार मुख्यमंत्री से संपर्क में रहे। CM ने खुद सीमावर्ती जिलाधिकारियों से बात की।
FAQ 8: ऑपरेशन सिंदूर में कितने आतंकी मारे गए? ऑपरेशन सिंदूर में 125 से ज्यादा आतंकी मारे गए। जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय और लश्कर-ए-तैयबा का मुरीदके केंद्र पूरी तरह नष्ट हुए। भारत सरकार ने इसे केंद्रित और गैर-विस्तारवादी ऑपरेशन बताया जिसमें कोई पाकिस्तानी सैन्य ठिकाना निशाना नहीं बनाया गया।
FAQ 9: क्या ऑपरेशन सिंदूर खत्म हो गया है? नहीं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ होल्ड किया गया है खत्म नहीं हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में कहा कि अगर पाकिस्तान ने कोई हरकत की तो जवाब और कड़ा होगा। भारत-पाक के बीच सीजफायर लागू है लेकिन तनाव बना हुआ है।
FAQ 10: ऑपरेशन सिंदूर और 1971 की जंग में क्या फर्क है? 1971 में पाकिस्तान के साथ पारंपरिक युद्ध हुआ था जिसमें बांग्लादेश बना। 2025 का ऑपरेशन सिंदूर precision strike था — सिर्फ आतंकी ठिकाने निशाना बने। 1971 में राजस्थान पर बमबारी हुई थी। 2025 में ड्रोन और मिसाइल हमले हुए जो इंटरसेप्ट हुए। 54 साल बाद राजस्थान फिर युद्ध की अग्रिम पंक्ति बना।
FAQ 11: शिव विधानसभा पर ऑपरेशन सिंदूर का असर क्या था? शिव विधानसभा बाड़मेर जिले में है और उत्तरलाई एयरबेस यहीं पास में है। ऑपरेशन के दौरान क्षेत्र में ब्लैकआउट रहा, स्कूल बंद रहे। BSF की तैनाती बढ़ी। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सेना का समर्थन किया और क्षेत्र के लोगों से शांति की अपील की। सीमावर्ती गांवों के लोगों ने संयम और साहस दिखाया।
FAQ 12: ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की क्या भूमिका रही? S-400 भारत की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब पाकिस्तान ने राजस्थान के एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल दागे, S-400 ने इन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। जैसलमेर के आसमान में जो विस्फोट और चमक देखी गई वह इसी इंटरसेप्शन का परिणाम था।
FAQ 13: ऑपरेशन सिंदूर का BJP की राजनीति पर क्या असर हुआ? ऑपरेशन सिंदूर ने BJP को राष्ट्रवाद के मोर्चे पर मजबूत किया। PM मोदी ने NDA मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई। राजस्थान में तिरंगा यात्राएं निकलीं। भजनलाल सरकार ने त्वरित राहत कार्य से प्रशंसा पाई। 2028 चुनाव में यह BJP का बड़ा प्रचार मुद्दा बनेगा।
FAQ 14: ऑपरेशन सिंदूर पर Congress का क्या रुख था? Congress के लिए यह कठिन स्थिति थी। राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार का विरोध करना संभव नहीं था। कांग्रेस नेता शशि थरूर सरकार के साथ खड़े दिखे। लेकिन Congress ने सीजफायर की शर्तों और राजनीतिक तबादलों पर सवाल उठाए। डोटासरा ने राजस्थान विधानसभा में भजनलाल सरकार को घेरा।
FAQ 15: ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान की सुरक्षा स्थिति क्या है? ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान की सुरक्षा बहुत मजबूत की गई है। BSF की चौकसी बढ़ी है, एयरबेस अपग्रेड हुए हैं। नाल, उत्तरलाई और फलौदी पर Rafale की तैनाती स्थायी हुई। सीमावर्ती गांवों में बंकर और आपातकालीन प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं।
FAQ 16: क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी विमान मार गिराए गए? हां। भारत की S-400 और वायु रक्षा प्रणाली ने दो पाकिस्तानी JF-17 लड़ाकू विमान मार गिराए जिसकी पुष्टि पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठान ने भी की। इसके अलावा बड़ी संख्या में पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं जो राजस्थान, पंजाब और गुजरात को निशाना बनाने आई थीं।
FAQ 17: ऑपरेशन सिंदूर में राजस्थान के किसानों पर क्या असर हुआ? सीमावर्ती गांवों में किसानों को खेती छोड़कर अस्थायी रूप से हटना पड़ा। सिंचाई परियोजनाएं कुछ दिन रुकीं। फसल नुकसान की आशंका से किसान चिंतित रहे। CM भजनलाल ने 5 करोड़ की राहत राशि में किसानों के नुकसान की भरपाई का भी प्रावधान किया।
FAQ 18: राजस्थान की mock drill में क्या हुआ? गृह मंत्रालय के निर्देश पर राजस्थान के 28 शहरों में mock drill हुई। बाड़मेर, जैसलमेर को Category-2 में रखा गया। सायरन बजने पर ब्लैकआउट की practice हुई। पुलिस टीमों ने वाहन रोककर हेडलाइट बंद कराईं। रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनें 15 मिनट रोककर wartime blackout conditions simulate किए गए।
FAQ 19: ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान में 2028 चुनाव पर क्या असर होगा? ऑपरेशन सिंदूर 2028 चुनाव में BJP का सबसे बड़ा राष्ट्रवाद कार्ड होगा। सीमावर्ती जिलों — बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर — में BJP की छवि मजबूत हुई है। भजनलाल सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया को श्रेय मिला। Congress को इस मुद्दे पर counter-narrative बनाना मुश्किल होगा।
FAQ 20: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाक संबंध कहां हैं? ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर लागू है लेकिन संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिर्फ रुका है खत्म नहीं हुआ। राजनाथ सिंह ने जैसलमेर से चेतावनी दी है। राजस्थान की सीमा पर BSF की चौकसी बढ़ी हुई है। सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लगेगा।
निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर ने राजस्थान को एक बार फिर याद दिलाया कि हमारी वीरता सिर्फ इतिहास की किताबों में नहीं बल्कि हमारी रेत के कण-कण में बसी है। बाड़मेर का वह किसान जिसने बिना शिकायत के रात को लालटेन बुझाई, जैसलमेर का वह पूर्व सैनिक जिसने CM से बंदूक मांगी, बीकानेर की वह मां जिसने बच्चों को स्कूल छुड़वाया — यही है असली राजस्थान।
थार का रेगिस्तान सिर्फ गर्मी नहीं, हिम्मत भी पैदा करता है। और ऑपरेशन सिंदूर ने यह दुनिया को दिखा दिया।
📣 क्या आप राजस्थान के सीमावर्ती जिले से हैं? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने क्या महसूस किया? नीचे Comment करें और इस लेख को WhatsApp पर Share करें!


Leave a Comment